झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में आपका स्वागत है

सीयूजे में नामांकन- नामांकन 2020a

"गणितीय विज्ञान में हाल के विकास" पर संकाय विकास कार्यक्रम aपंजीकरण लिंक

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण और परियोजना जागरूकता पर -MANAV ”सत्रa

कुलपति की नियुक्ति a

पीएनबी के माध्यम से ऑनलाइन शुल्क भुगतान

COVID-19 के मद्देनजर संशोधित अकादमिक कैलेंडर (अकादमिक सत्र 19-20 और 20-21) a

विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में सीयूजे: 2020 a

Indian Innovation challenge Design प्रतियोगिता 2019 aई-उस्ताद, सी-डैक, हैदराबाद के सहयोग से ई-लर्निंग पोर्टल a

, एनआईआरएफ 2019 - सीयूजे रिपोर्ट ,एनआईआरएफ 2017 - सीयूजे रिपोर्ट , CUJ रैगिंग मुक्त परिसर है, रैगिंग के लिये शुन्य सहनशक्ति, NAAC डेटा , झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय की सेल्फ स्टडी की रिपोर्ट नैक को सौंपी गई
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Visitor,
Shri Ram Nath Kovind

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Chancellor,
Justice V.N.Khare

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Vice-Chancellor(Acting),
Prof. R. K. Dey

  

झारखण्ड केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना भारत के संसद द्वारा पारित केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के अधीन किया गया। विश्वविद्यालय का आरंभ अत्याधुनिक तकनीकी अनुसंधान पर जोर देने के साथ ही साथ प्रासंगिक वर्तमान शैक्षिणिक अभियान पर विशेष ध्यान केंद्रित करने दृष्टि से किया गया। यह सभी स्कूलों/ केंद्रों में 5-वर्षीय एकीकृत (स्नातक/ स्नातकोत्तर), स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रम प्रदान करता है। विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम से सम्बंधित नवीन विचारों और शोध प्रस्तावों, सहयोग, सहभागिता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए सदैव खुला है। झारखंड में स्थित होने के कारण, संस्कृति का अध्ययन विश्वविद्यालय का प्रमुख क्षेत्र है जो देशज संस्कृति अध्ययन केंद्र, आदिवासी एवं प्रथागत विधि केंद्र, आदिवासी लोकगीत, भाषा और साहित्य केंद्र और संगीत और प्रदर्शन कला के माध्यम से स्पष्ट होता है। झा.के.वि. के संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति, प्रोजेक्ट फंडिंग और मान्यता से सम्मानित किया गया है और अध्यापन और परामर्श के माध्यम से सरकारी क्षेत्र, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक और बाह्य गतिविधियों में भी पुरस्कार प्राप्त किये हैं।

परिसर

विश्वविद्यालय का वर्तमान परिसर भारत के झारखंड राज्य में, रांची शहर से 25 किलोमीटर की दूरी पर ब्राम्बे में स्थित है। यह 45 एकड़ के सुंदर और जीवंत हरे परिसर में स्थित है, जिसमें कक्षाओं और छात्रावासों का वातावरण अच्छी तरह से समिश्रित है। कक्षा का परिसर आम के बाग में स्थित है और छात्रावास ऊंचे साल के पेड़ों से घिरा हुआ है। पेड़ों को संरक्षित करने के लक्ष्य से आप देख सकते है की पैडों की शाखाये कमरों के अंदर और छतों के अंदर से बढ़ रहें है। झारखंड राज्य सरकार ने शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर चेरी-मनातू में स्थायी परिसर के लिए विश्वविद्यालय को 510 एकड़ जमीन आवंटित की, जिसमें निर्माण कार्य इस योजना से शुरू किया गया है कि यह परिसर परिदर्शन और रहने योग्य हो। इस परिसर की योजना हरित वास्तुकला और डिजाइनों के मध्य शैक्षणिक खोज हेतु पर्यावरण-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है, जो विद्यार्थियों को स्वतः अपनी ओर आकृष्ट करेगा ।

रांची के बारे में

झारखंड की राजधानी रांची, समुद्र तल से 650 मीटर की ऊँचाई पर अक्षांश 23.23 N और 85.23 E पर स्थित है। सर्दियों का तापमान 5 ° C से 25 ° C और गर्मियों का तापमान 20 ° C से 42 ° C तक होता है। यहाँ पर औसत वार्षिक वर्षा 1400 मिमी है। यहाँ पर हिंदी, अंग्रेजी, नागपुरी, उरांव, मुंडारी और कुरमाली भाषाएँ बोली जाती हैं।

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर कैसे पहुंचे

रांची सड़क और रेलवे मार्ग से जुड़ा हुआ है और इसे पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों से जोड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग NH 60A और NH 2, रांची को कोलकाता से और NH 33 और NH 99 को पटना से जोड़ता है। रांची शहर में दो प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं 'रांची रेलवे स्टेशन' और 'हटिया रेलवे स्टेशन'। शहर का हवाई अड्डा (डोमेस्टिक) "बिरसा मुंडा हवाई अड्डा" है और यह सीधे दिल्ली (इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा) और कोलकाता (नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा) से जुड़ा हुआ है। विश्वविद्यालय द्वारा शहर और विश्वविद्यालय परिसर के बीच आवागमन के लिए परिवहन सेवाएँ भी उपलब्ध की गयी है ।

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पता
झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय
रातू-लोहरदगा रोड,
ब्राम्बे, रांची - 835205
झारखंड, भारत

लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ)
ईमेल : pio@cuj.ac.in